Mahayogi Tapsi Sarkar

"महायोगी तपसी सरकार"

The Incarnation Of Lord Hanuman Ji

हिंदी में
In English

जय गुरुवर जय सरकार


गुरु जी कहते हैं- "सरकार तो जन्म और मृत्यु से परे हैं, वे अजन्मा हैं। हनुमान जी ही सरकार के रूप में अवतरित हुए हैं जिनके मुख से सदा रामनाम ही निकलता था। सरकार और हनुमान जी, इन दोनों में कोई भेद नहीं है, जो भेद मानता है वह अज्ञानी है।"

सरकार कौन ?

भारतभूमि समय-समय पर महान ऋषियों और संतों को जन्म देती रही है। इस पावन भूमि पर अनेकों अवतारी महापुरुषों का जन्म हो चुका है। इस संसार के भयानक दुःखालय में फंसे जीवों को शांति और मुक्ति प्रदान करने के लिए अनगिनत महापुरुषों ने अपना सर्वस्व तक न्योछावर कर दिया। चाहे वो राम हों या कृष्ण हों, नानक हों या कबीर हों- ...More

तपसी सरकार की महिमा

सरकार तो अजन्मा हैं, अनंत शक्तियों का उद्गम हैं। उनकी महिमा का बखान शब्दों में करना अति कठिन है। हमारे सरकार दया के सागर हैं। वे अपने शिष्यों एवं भक्तों पर हमेशा कृपादृष्टि बनाये रखते हैं। वे तो पूर्णयोगी और साक्षात् ईश्वर ही हैं।...More

What our Guruji says


Pujya Guruji


JAI GURUWAR JAI SARKAR ...........................Pujya Guruji is the great disciple of His Holiness Pujya Tapsi Sarkar. Guruji is the true guide to all. तपसी सरकार की आरती

A Self-Realized saint is rarely found. Pujya Sarkar has endowed us with all His blessings in the form of Pujya Guruji.

MERE GURUWAR MERE SARKAR........Guruji is our life and soul. If Truth is somewhere that is Guruji. Sadguru's blessings are continuously being showered on all of us.

सत्य की खोज

पूज्य गुरूजी कहते हैं कि मनुष्य अगर अपने कर्मों को कुशलतापूर्वक करता जाए तो उसे सहज में ही शांति प्राप्त हो जाएगी, उसे किसी गिरि-गुफा में जाने की जरुरत नहीं है.
संत भोलेबाबा लिखते हैं :-
जो मोक्ष है तू चाहता, विष सम विषय ताज तात रे.
आर्जव क्षमा संतोष शम-दम, पी सुधा दिन-रात रे..

जो लोग आत्म-जिज्ञासा, आत्मज्ञान पाने के लिए सतत तत्पर हैं उन लोगों के लिए यह वेबसाइट अत्यंत ही महत्वपूर्ण है.
इस वेबसाइट के हर पेज को अतिसूक्ष्मता से अवश्य पढ़ें व मनन करें....
जय सरकार


About Us

संत मिलन को जाइए, तजि मान मोह अभिमान .
ज्यों ज्यों पग आगे धरे, कोटि यज्ञ सामान ..

तरुवर सरोवर संतजन, चौथा बरसे मेह .
परमारथ के कारने, चारों धरिया देह ..

वृक्ष कबहुँ न फल भखै, नदी न संचै नीर .
परमारथ के कारने, साधुन धरा शरीर ..
...................................Jai Sarkar
...................................Tapsi Sarkar
...........Guruji


Address:

Mr. Sushil Vashishth

Betiya-hata, Vachaspati Bhavan,

Near Dr. Vijay Lakshmi, Gorakhpur, Uttar Pradesh, India

Pincode: 273001



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